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पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो कैनबिस स्ट्रेन सप्ताह-दर-सप्ताह गाइड

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लेखक Aleph One
1 जून 2023
हमारी सप्ताह-दर-सप्ताह गाइड में पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो के लक्षण, वृद्धि चरण और कल्टीवेशन टिप्स शामिल हैं।
1 जून 2023
15 min read
पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो कैनबिस स्ट्रेन सप्ताह-दर-सप्ताह गाइड

विषय सूची:
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  • 1. ग्रो स्पेसिफिकेशन
  • 2. ग्रो सेटअप
  • 3. अंकुरण और सीडलिंग स्टेज | सप्ताह 1
  • 4. शुरुआती वेजिटेटिव | सप्ताह 2
  • 5. मिड वेज | सप्ताह 3-4
  • 6. ट्रांजिशन (पूर्व-फूल) | सप्ताह 5
  • 7. शुरुआती फ्लावरिंग | सप्ताह 6-7
  • 8. मिड फ्लावर (बल्क फेज) | सप्ताह 8-9
  • 9. पकना और हार्वेस्ट | सप्ताह 10 (और उसके बाद)
  • 10. परिणाम
  • 10. a. पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो उपज
  • 10. b. पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो स्मोक रिपोर्ट
  • 11. निष्कर्ष

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो एक बेहद लोकप्रिय स्ट्रेन है, जो ग्रोअर्स व स्मोकर्स दोनों के लिए कई फायदे प्रदान करता है। ग्रोअर्स के लिए, यह ऑटोफ्लावर स्ट्रेन एक आसान-से-उगाया जाने वाला सटीवा है जिसमें फूल आने का समय कम होता है, जिससे जल्दी उच्च गुणवत्ता की उपज प्राप्त की जा सकती है। पौधे की फल जैसी खुशबू और फ्लेवर प्रोफाइल कैनबिस उपभोक्ताओं को बेहद पसंद आती है, और इसके मजबूत प्रभाव मानसिक संतुष्टि व एनर्जी देने वाले होते हैं, जिन्हें दिनभर इंजॉय किया जा सकता है। चाहे आप अनुभवी ग्रोअर हों या कैज़ुअल स्मोकर, पाइनएप्पल एक्सप्रेस को इसके फ्लेवरफुल बड्स, आसान कल्टीवेशन और बहुत पसंद आने वाले इफेक्ट्स के लिए जरूर आजमाएं।

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो को उगाना भी काफी संतोषजनक है। इस पोस्ट में, हम इस स्ट्रेन के सप्ताह-दर-सप्ताह विकास को दिखाएंगे, अंकुरित बीज से लेकर उस मैच्योर पौधे तक, जिनकी शाखाएं भरी-पुरी कली का वजन मुश्किल से संभाल पाती हैं। उम्मीद है, यह आपको भी उतने ही शानदार नतीजे पाने के लिए प्रेरित करेगा और पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो के मीठे, ट्रॉपिकल फ्लेवर और एनर्जेटिक इफेक्ट्स का आनंद लेने के लिए उत्साहित करेगा।

1. ग्रो स्पेसिफिकेशन

पाइनएप्पल एक्सप्रेस एक बेहतरीन स्ट्रेन है जो हर मोर्चे पर शानदार परफॉर्मेंस देता है। इसमें 40% सटीवा / 60% इंडिका जेनेटिक है, जिससे यह संतुलित, आनंददायक हाई देता है, जो शरीर और दिमाग दोनों में महसूस होता है। इसकी XL साइज़ और 60–110 सेंटीमीटर (24–43 इंच) की ऊंचाई सीमित जगह वाले इंडोर ग्रोअर्स के लिए आदर्श हैं, वहीं 10 सप्ताह की फ्लावरिंग टाइम और इंडोर में 400-550 ग्राम/मी2 (1.3-1.8 औंस/फुट2), और आउटडोर में 50-200 ग्राम/पौधा (2-7 औंस/पौधा) की उच्च उपज इसे आउटडोर ग्रोअर्स के बीच भी लोकप्रिय बनाती है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: datasheet

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो डेटा शीट।

पाइनएप्पल एक्सप्रेस में 20% तक THC और 1% से भी कम CBD होता है। इसका ट्रॉपिकल, मीठा, फ्रूटी, और खट्टा-पाइनएप्पल स्वाद आपको और ज्यादा चाहेगा।

2. ग्रो सेटअप

इस सप्ताह-दर-सप्ताह गाइड में, हम आपको पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो से परिचित कराना चाहते हैं और इसके विभिन्न ग्रोथ फेज़ में प्रोग्रेस दिखाना चाहते हैं। इसके लिए हमने कई रिव्यूज़ पढ़े और चार अलग-अलग ग्रोअर्स की डायरी चुनी, जिनमें सभी ने विभिन्न ग्रोइंग मेथड्स जैसे हाइड्रोपोनिक्स, सॉयल, और कोको का उपयोग किया है। इन सेटअप्स की तुलना कर आप देख सकते हैं कि यह स्ट्रेन अलग-अलग हालात में कैसे प्रदर्शन करता है। स्पॉयलर अलर्ट — हाइड्रोपोनिक्स सबसे तेज वेजिटेटिव ग्रोथ और बड़े फूलों के लिए सबसे बढ़िया मेथड नजर आया है।

  ग्रो स्पेस लाइट मीडियम
A 0.74 m2 120W LED एनरिच्ड सॉयल
B 0.7 m2 150W LED DWC
C 1 m2 240W LED DWC
D 1.22 m2 250W LED कोको/पर्लाइट

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो सेटअप और ग्रो स्पेसिफिकेशन।

ऊपर दी गई टेबल में उपज के आंकड़े हाइड्रोपोनिक कल्टीवेशन के फायदों को साफ दिखाते हैं, फिर भी पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो एक ऐसी स्ट्रेन है जो सॉयल और कोको कोयर सेटअप्स में भी शानदार प्रदर्शन करती है। चारों ग्रोअर्स के प्रभावशाली परिणाम इसकी बहुपरती भिन्नता को दर्शाते हैं।

3. अंकुरण और सीडलिंग स्टेज | सप्ताह 1

कैनबिस बीजों का अंकुरण एक सरल और सीधा प्रक्रिया है, जिसे सबसे अनुभवहीन ग्रोअर्स भी आसानी से कर सकते हैं। शुरुआती लोग अक्सर डरते हैं कि वे बीज खराब न कर दें, पर इसकी जरूरत नहीं है। अपने कैनबिस बीजों को सफलतापूर्वक अंकुरित करने के लिए, बस गर्म और आर्द्र माहौल बनाएं और बीजों को अंधेरे स्थान पर रखें। यह ताजा और स्वस्थ बीजों के स्प्राउट होने के लिए पर्याप्त है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: week 1 grow conditions

सप्ताह 1 की ग्रोइंग कंडीशन्स।

गर्मिनेशन के कई तरीके हैं, लेकिन हम सुझाव देंगे कि आप ऐसा तरीका चुनें जिसमें आप बीच-बीच में बीजों की प्रगति देख सकें। पेपर टॉवल मेथड इसके लिए बेहतरीन है, क्योंकि इसमें अंकुरण दर ऊंची मिलती है और आप आसानी से चेक कर सकते हैं। जैसे ही टैपरूट निकल जाए और आधा इंच लंबा हो जाए, बीज को अपने पसंदीदा ग्रोइंग मीडियम में ट्रांसफर कर दें। डायरेक्ट टू सॉयल भी कर सकते हैं, पर इसमें इतने अच्छे नियंत्रण या दृश्यता नहीं मिलती।

Pineapple Express Auto cannabis strain: germination and seedling stage | week 1 | a seed with a taproot showing and a 1-day-old sprout

टैपरूट को पौधा लगाने से पहले आधा इंच बढ़ने दें। ©Luv2Grow

कई ऑटोफ्लावर ग्रोअर्स सीधे फाइनल कंटेनर में बीज बोना पसंद करते हैं, जबकि कुछ जिफी प्लग का भी यूज़ करते हैं। जिफी प्लग खासकर हाइड्रोपोनिक्स ग्रोअर्स के लिए फायदेमंद हैं। जैसे ही सीडलिंग उग आए और टैपरूट नीचे से बाहर दिखने लगे, पूरे प्लग को नेट पॉट में डालकर DWC सिस्टम में लगा सकते हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: germination and seedling stage | week 1 | a small seedling and its root showing from a jiffy plug

जर्मिनेशन प्लग हाइड्रोपोनिक्स के लिए शानदार हैं। ©SwissKush

हाइड्रोपोनिक्स में, हाइड्रोटोन या विस्तारित क्ले पेबल्स काफी लोकप्रिय मीडियम है। इसमें पोषक तत्व नहीं होते, इसका काम सिर्फ पौधे की जड़ों को पकड़े रहना है। असल में, हाइड्रोपोनिक सिस्टम का असली मीडियम पोषक तत्व वाला पानी ही है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: germination and seedling stage | week 1 | a 1-week-old sprout in Hydroton medium

DWC के लिए क्ले पेबल्स लोकप्रिय मीडियम हैं। ©SwissKush

हालांकि हाइड्रोपोनिक्स बहुत एफिशिएंट है, इसमें ग्रोअर को खुद ही सभी पोषक तत्व देने होते हैं, जिससे इसके लिए थोड़ी लर्निंग चाहिए। शुरुआती लोगों को हम सॉयल में शुरुआत की सलाह देते हैं, खासतौर पर ऑर्गेनिक सॉयल।

सॉयल शुरुआती लोगों के लिए बेहतरीन है क्योंकि इसमें बफरिंग होती है। इसमें पहले से पोषक तत्व रहते हैं, और आप पौधों को जब पानी में पोषक तत्व देते हैं, तो पौधे आवश्यकता अनुसार सोख लेते हैं, बाकी पोषक सॉयल में बने रहते हैं। इसे ही बफरिंग कहते हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: germination and seedling stage | week 1 | a 1-week-old sprout in soil

पौधा जब बड़े गमले में लगाएँ तो बेस के पास ही हल्का ही पानी दें। ©GEEnRHI

सॉयल में सामान्यतः इतने पोषक तत्व होते हैं कि वह पौधे की शुरुआती एक-दो हफ्तों की जरूरत पूरी कर दें। इसलिए अब सीडलिंग को बस पानी की जरूरत है। ध्यान रखें कि अधिक पानी न दें, क्योंकि कैनबिस लगातारगीली मिट्टी में रहना पसंद नहीं करता। पर फिर भी नियमित रूप से नमी देना जरूरी है। शुरुआती हफ्तों में पौधे की जड़ के चारों ओर ही थोड़ा-थोड़ा पानी दें।

4. शुरुआती वेजिटेटिव | सप्ताह 2

अंकुरण के दूसरे सप्ताह में, पौधा तेजी से बढ़ना शुरू करेगा और नई पत्तियां जल्‍दी-जल्‍दी विकसित होंगी। फिर भी आपको प्रगति धीमी लग सकती है, क्योंकि मुख्य बढ़वार तो जड़ों में ही हो रही होती है। इसलिए धीमी प्रगति को लेकर परेशान न हों और पौधे को सही टेम्परेचर व ह्यूमिडिटी सहित उपयुक्त माहौल दें।

Pineapple Express Auto cannabis strain: week 2 grow conditions

सप्ताह 2 की ग्रोइंग कंडीशन्स।

जैसा कि नीचे की फोटो में दिख रहा है, पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो एक तेज़ी से बढ़ने वाला ऑटोफ्लावरिंग स्ट्रेन है, जो बिना मिट्टी के मीडियम में भी तेज ग्रोथ दिखाता है। स्प्राउटिंग के दो हफ्तों में ही इतना विकास देखना काफी इम्प्रेसिव है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: early veg | week 2 | a seedling's progress through week 2

सप्ताह 2 में आप इतनी ग्रोथ की उम्मीद कर सकते हैं। ©Luv2Grow

हम सलाह देते हैं कि पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो को सीधे फाइनल कंटेनर में लगाएँ ताकि ट्रांसप्लांट शॉक या स्ट्रेस से बचा जा सके। हालांकि, कुछ अनुभवी ग्रोअर्स छोटे कंटेनर/सोलो कप से शुरुआत कर सकते हैं, तो यह ध्यान रहे बड़े होते ही बहुत हल्के हाथों से ट्रांसप्लांट करें ताकि पौधे को कोई सदमा न लगे। बहुत छोटा कंटेनर देर तक रखने से दिक्कत हो सकती है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: early veg | week 2 | a two-week-old weed plant in a solo cup

स्टार्टर पॉट का यूज़ कर सकते हैं, पर पौधा ओवरग्रो न कर जाए। ©FoTwenny

जैसा पहले भी बताया गया है, हाइड्रोपोनिक कल्टीवेशन मिट्टी की तुलना में बहुत तेज ग्रोथ लाता है, लेकिन पहली बार में अच्छा रिजल्ट लाना मुश्किल हो सकता है। हाइड्रोपोनिक्स में अगर सभी पर्यावरणीय फैक्टर्स और न्यूट्रियंट्स सही नहीं मिल रहे हों तो ग्रोथ स्लो हो सकती है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: early veg | week 2 | a two-week-old autoflower in Hydroton

हाइड्रो में ऑटोफ्लावर कुछ दिन स्थिर रहते हैं, फिर तेजी से बढ़ते हैं। ©SwissKush

अगर सब सही कर रहे हैं तो डीप वॉटर कल्चर (DWC) जैसे हाइड्रोपोनिक कल्टीवेशन में बहुत तेज & शानदार वेजिटेटिव ग्रोथ मिलेगी।

Pineapple Express Auto cannabis strain: early veg | week 2 | two very big and healthy auto flowers in a DWC system

हाइड्रोपोनिक्स वेजिटेटिव ग्रोथ के लिए प्रसिद्ध है। ©noak47

ऊपर की फोटो में आप देख सकते हैं दोनों पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो पौधों में से एक की ग्रोथ जहां काफी तेज है, वहीं दूसरी का विकास और भी जबरदस्त है।

5. मिड वेज | सप्ताह 3-4

अगर तेजी से ग्रोथ चाहते हैं तो सप्ताह 3 और 4 में इसकी उम्मीद रख सकते हैं। इसी फेज में फैन लीव्स जल्दी बढ़ती हैं और साइड ब्रांच तेजी से बढ़ना व लम्बी होना शुरू कर देती हैं। अब पहले जैसा मिल्ड वातावरण जरूरी नहीं, आप तापमान कुछ डिग्री घटा सकते हैं और सापेक्षिक ह्यूमिडिटी लगभग 50-55% कर सकते हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: weeks 3-4 grow conditions

सप्ताह 3-4 की ग्रोइंग कंडीशन्स।

जैसे ही इनडोर मैरिजुआना पौधे रोजाना बदलाव दिखाने लगते हैं, कई ग्रोअर्स ट्रेनिंग शुरू करते हैं। यह बस मुख्य डंठल या बड़ी साइड ब्रांच को मोड़ने और बांधने जितना सरल हो सकता है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid veg | weeks 3-4 | a young autoflower tied down for the first time

LST से साइड ब्रांच ग्रोथ को भी बढ़ाया जा सकता है। ©Luv2Grow

समझना जरूरी है कि ट्रेनिंग एक बार का नहीं, बल्कि कई सप्ताह का प्रोसेस है। अपने कैनोपी को शेप देने के लिए रोजाना किसी भी तेज बढ़ती ब्रांच को नीचे बांधना पड़ सकता है ताकि सभी एक ऊंचाई पर रहें।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid veg | weeks 3-4 | heavy training continues

ट्रेनिंग एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है। ©Luv2Grow

ट्रेनिंग का मकसद आपके ग्रो रूम की लाइट का अधिकतम उपयोग है। जबकि मॉडर्न ग्रो लाइट्स काफी पावरफुल हैं, उनकी असरकारी रेंज सीमित होती है। सुनिश्चित करें कि पौधे की सारी शाखाएं उसी रेंज में रहें, इसके लिए कैनोपी को फ्लैट करें। ट्रेनिंग से आप ब्रांच को सेट करके सब पर लाइट पहुंचा सकते हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid veg | weeks 3-4 | a bushy autoflower with a flat canopy achieved by LST

ट्रेनिंग से पौधा पूरी तरह सममित और लगभग फ्लैट बनाया जा सकता है। ©SwissKush

अगर ग्रो रूम में जगह है तो पौधों को नेचुरली भी बढ़ा सकते हैं। यह विशेष रूप से ऑटोफ्लावर के लिए सुझाया जाता है क्योंकि इसकी वेजिटेटिव फेज बहुत छोटी होती है और अनावश्यक स्ट्रेस देने से ग्रोथ रुक सकती है या हार्वेस्ट कम हो सकता है। पौधों को बेकार के स्ट्रेस से बचाकर स्वस्थ विकास पर फोकस करें।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid veg | weeks 3-4 | vigorous growth in DWC

DWC में वेजिटेटिव ग्रोथ दमदार होती है। ©noak47

सी ऑफ ग्रीन (SOG) एक लोकप्रिय तकनीक है जिससे इनडोर ग्रोअर्स कम समय में ज्यादा उपज ले सकते हैं। इसमें छोटे कंटेनर में कई छोटे प्लांट पास-पास रखे जाते हैं जिससे हर तरफ हरियाली या 'सी' जैसा लुक बन जाता है। भले ही हर पौधे की उपज कम हो, कुल उपज शानदार हो सकती है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid veg | weeks 3-4 | a compact, bushy autoflower in a grow bag filled with coco coir

छोटे पौधों की SOG से शानदार रिजल्ट मिल सकते हैं। ©Hawkbo

जैसे ही पौधे तीव्र वेजिटेटिव स्टेज में आते हैं, वे जड़ों में जमा सभी पोषक तत्व खत्म कर देते हैं। इसलिए चाहे मिट्टी में उगा रहे हों या नहीं, न्यूट्रियंट्स सीधे पानी के साथ देने शुरू कर दें। लेकिन हाइड्रोपोनिक्स या कोको कोयर में तो शुरुआत से ही न्यूट्रियंट मिलते हैं।

ऑटोफ्लावर की फीडिंग बेसिक्स समझाने के लिए एक शॉर्ट वीडियो।

कैनबिस पौधों को न्यूट्रियंट देना आसान है। वेजिटेटिव फेज में ज्यादा नाइट्रोजन की जरूरत होती है, जबकि फ्लावरिंग फेज में फॉस्फोरस व पोटेशियम ज्यादा चाहिए। मैग्नीशियम, कैल्शियम और माइक्रोन्यूट्रियंट्स भी जरूरी हैं, लेकिन कमर्शियल फर्टिलाइजर में आमतौर पर मिल जाते हैं। नीचे एक ग्रोअर द्वारा पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो की पूरी लाइफ साइकिल के लिए इस्तेमाल की गई फीडिंग शेड्यूल का उदाहरण है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: veg nutrient schedule

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो वेज न्यूट्रियंट शेड्यूल।

पौधों को फीड देते समय pH लेवल का ध्यान रखना जरूरी है। सही pH लेवल सॉयल में 6.0–6.5 और हाइड्रोपोनिक्स व कोको कोयर में 5.5–6.0 होना चाहिए। सही pH से पौधे पोषक तत्व सही से ले सकते हैं, नहीं तो न्यूट्रियंट डिफिशिएंसी या टॉक्सिसिटी हो सकती है, जिससे पौधे की ग्रोथ रुक सकती है या पौधे खराब हो सकते हैं। pH मीटर या pH स्ट्रिप्स से pH जांचें और जरूरत पड़े तो एडजस्ट करें।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid veg | weeks 3-4 | a lush, vigorous, and healthy looking autoflower with the main top removed

एक खुश पौधा ऐसा दिखना चाहिए। ©GEEnRHI

6. ट्रांजिशन (पूर्व-फूल) | सप्ताह 5

कैनबिस पौधों में प्री-फ्लावर फेज महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें ग्रोअर्स पौधे का लिंग पहचान सकते हैं। ऑटोफ्लावरिंग वैरायटीज में फूल आने के लिए लाइट साइकिल बदलने की जरूरत नहीं होती, वे अपनी जेनेटिक व उम्र के हिसाब से 3-5 हफ्तों में खुद-ब-खुद फ्लावरिंग शुरू कर देती हैं। भले ही फ्लावरिंग के दौरान कंडीशन्स बदलना जरूरी नहीं है, कुछ ग्रोअर्स तापमान, नमी व रोशनी की तीव्रता एडजस्ट करते हैं ताकि उपज व ग्रोथ बढ़ें। इसलिए फ्लावरिंग प्रोसेस और बदलती जरूरतों को जानना सफल खेती के लिए जरूरी है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: week 5 grow conditions

सप्ताह 5 की ग्रोइंग कंडीशन्स।

जैसे ही आप ऑटोफ्लावर को देखें, आपको फ्लावरिंग के संकेत मिलेंगे। ऊपर के हरे हिस्से पीले रंग के दिखने लगते हैं, नई पत्तियां पतली और कोमल बनती हैं। इनमें से सफेद बाल उगने लगते हैं। कुछ ही देर में ऊपर fluffy कलियों जैसा दिखने लगता है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: transition (pre-flower) | week 5 | seen from above, the plant top is about to show the first flowers

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो फूल आने के कगार पर है। ©SwissKush

अभी पौधा फूलने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है, इसलिए अभी इतना फॉस्फोरस व पोटेशियम नहीं चाहिए। कुछ ग्रोअर्स ब्लूम न्यूट्रियंट्स देना एक सप्ताह बाद शुरू करते हैं, लेकिन अधिकतर लोग जैसे ही पौधा फ्लावरिंग में जाता है, न्यूट्रियंट शेड्यूल एडजस्ट कर देते हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: transition (pre-flower) | week 5 | the first pistils forming at the nodes

पहले पिस्टिल्स दिखने लगे हैं। ©Luv2Grow

इस दौरान फूल बनना एक उत्साहित करने वाली बात होती है, लेकिन सबसे बड़ा बदलाव साइड ब्रांचेज की बढ़ती लंबाई है, जिसे "फ्लावरिंग स्ट्रेच" कहते हैं। पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो जैसी स्ट्रेन्स स्ट्रेच के दौरान ऊंची-चौड़ी हो जाती हैं और बड़े आकार हासिल कर लेती हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: transition (pre-flower) | week 5 | two huge and bushy indoor autoflowers

फूल आने की शुरुआत का समय थोड़ा अलग हो सकता है। ©noak47

पौधे का साइज कंट्रोल करने के दो तरीके हैं — ट्रेनिंग और डीफोलिएशन। डीफोलिएशन बड़े पत्ते निकालना होता है, जिससे एयरफ्लो व लाइट बेहतर होती है। यह हल्का स्ट्रेस भी देता है, जिससे पौधा जगह के लिहाज से बहुत बड़ा नहीं होता।

Pineapple Express Auto cannabis strain: transition (pre-flower) | week 5 | an indoor autoflower LSTd and defoliated

बडिंग शुरू होने के बाद भी छाया प्रबंधन जारी रख सकते हैं। ©SwissKush

अगर ग्रो टेंट में वर्टिकल जगह सही है और लाइट ऊपर से नीचे तक पहुंच सकती है तो पौधों को बिना ट्रेनिंग के बढ़ने दें। इससे उनका स्वास्थ्य और विकास अच्छा रहेगा। लेकिन SOG मेथड में कई छोटे पौधों के साथ बिना ट्रेनिंग भी अच्छा रिजल्ट ले सकते हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: transition (pre-flower) | week 5 | an autoflower stretching and starting to bud

पौधों को स्वतः बढ़ने दें तो ये बहुत स्ट्रेच होती हैं। ©Hawkbo

7. शुरुआती फ्लावरिंग | सप्ताह 6-7

जैसे ही पहली कलियाँ आती हैं, स्ट्रेचिंग फूल बनने के शुरू में भी जारी रहती है। इस अवधि में पौधे ऊंचे भी होते हैं और साथ-साथ फ्लावर क्लस्टर भी बनाते हैं। जरूरी है कि लाइट पौधों के टॉप से उचित दूरी पर रखें ताकि लाइट बर्न न हो और फूल भी अच्छा बने। इस फेज में पौधों को ज्यादा पानी व फीड की जरूरत होती है, लेकिन ओवरफीडिंग नुकसान कर सकती है। इसलिए पौधों को नियमित फॉलो करें।

Pineapple Express Auto cannabis strain: weeks 6-7 grow conditions

सप्ताह 6-7 की ग्रोइंग कंडीशन्स।

पहली बार उगा रहे ग्रोअर्स को को शुरुआती फूल देखकर अजीब लग सकता है, क्योंकि वे छोटे व डिल्यूट होते हैं, ब्रांच पर दूर-दूर मिलते हैं। लेकिन जल्द ही ये फूल बड़े, घने होकर ब्रांच को ढक लेंगे। अभी सिर्फ सफेद पिस्टिल्स हैं, यानी मैच्योरिटी अभी दूर है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: early flower | weeks 6-7 | an autoflower as it stretches its branches and form the first buds

कुछ ही हफ़्तों में पौधा मीडियम ऊंचाई पर बड़ी शाखाओं के साथ पहुंच जाता है। ©Luv2Grow

जैसे ही ब्रांचेज बढ़ती हैं और फूल बनने लगते हैं, अधिकतर ग्रोअर्स ट्रेनिंग बंद कर ग्रोथ व पोषण पर ध्यान देते हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: early flower | weeks 6-7 | an autoflower in a grow tent with an immense number of branches and a dense canopy

यह जेनेटिक्स कमाल की है। ©SwissKush

ध्यान दें कि जेनेटिक्स के अनुसार पौधे, खासकर सटीवा ऑटोफ्लावर्स, बहुत ऊंचे हो सकते हैं, जो वर्टिकल स्पेस कम पड़ने पर दिक्कत कर सकते हैं। पहले भी बताया गया, हाइड्रोपोनिक्स में ग्रोथ सबसे तेज होती है, जिससे स्ट्रेचिंग और अधिक हो जाती है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: early flower | weeks 6-7 | two stretchy and bushy auto flowers in DWC and one of their buds

ऐसे ऊँचे पौधों के लिए पावरफुल लाइट चाहिए। ©noak47

पौधों की ऊंचाई और कैनोपी शेप का तो ध्यान दें ही, साथ ही पोषण की जरूरतें भी समझें। फ्लावरिंग शुरू होते ही पौधे को अब नाइट्रोजन कम और फॉस्फोरस व पोटेशियम ज्यादा चाहिए। इसलिए फर्टिलाइजर भी इसी अनुसार एडजस्ट करें।

Pineapple Express Auto cannabis strain: flower nutrient schedule

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो: फ्लावर न्यूट्रियंट शेड्यूल।

अगर आपने पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो को ऊँचा बढ़ा लिया है, तो ध्यान दें कि नीचे की कलियों को कितना प्रकाश मिल रहा है। अगर वे लाइट से बहुत दूर हैं, या ऊपर की ग्रोथ से छाँह गई हैं, तो लोलीपोपिंग कर सकते हैं यानी निचली बड साइट्स को हटा देना चाहिए। इससे अतिरिक्त ऊर्जा ऊपर की बड़ी कलियों को मिलेगी।

Pineapple Express Auto cannabis strain: early flower | weeks 6-7 | two indoor marijuana plants: one stretchier and the other more compact

सबसे तेज ग्रोथ वाले फीनोटाइप पहले से भारी होना शुरू कर देते हैं। ©Hawkbo

8. मिड फ्लावर (बल्क फेज) | सप्ताह 8-9

जब कैनबिस पौधे बड्स बनाना शुरू करते हैं, वे ऊंचाई में बढ़ना बंद कर देते हैं, इसलिए स्पेस की चिंता खत्म हो जाती है। इस दौरान पौधों को पोषण सही मात्रा में दें। अच्छा वेंटिलेशन भी जरूरी है ताकि घने बड्स में फफूंदी और सड़न न लगे। इसके लिए ह्यूमिडिटी कम और वेंटिलेशन बढ़ाएं, तापमान भी ज़रा कम करें ताकि बड्स की खुशबू और शक्ति बनी रहे।

Pineapple Express Auto cannabis strain: weeks 8-9 grow conditions

सप्ताह 8-9 की ग्रोइंग कंडीशन्स।

अगर पहले पौधों को ट्रेनिंग दी है, तब भी फ्लावरिंग के दौरान आकार दुगुना-तिगुना भी हो सकता है। शुरू में छोटे-छोटे फूल अब घने होकर लंबी लंबी 'कोलाज' बनाएंगे।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid flower (bulk phase) | weeks 8-9 | a high-yielding autoflower with long, spear-shaped colas

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो बल्क फेज में आगे बढ़ते हुए। ©Luv2Grow

जैसे-जैसे फूल बड़े होते हैं, पौधों को ज्यादा फॉस्फोरस व पोटेशियम चाहिए। आप मात्रा थोड़ी बढ़ा सकते हैं, लेकिन बहुत ज्यादा दें तो पत्तियों के किनारे भूरे होने लगेंगे। अभी अधिकतर पिस्टिल्स सफेद होंगी, लेकिन कुछ भूरी होकर सूखने लगेंगी — यह बड्स काटने का समय नजदीक होने का संकेत है।

नीचे की फोटो देखकर आप समझ सकते हैं कि एक और चीज है जिस पर ध्यान देना जरूरी है — वेंटिलेशन और एयरफ्लो। जैसे ही बड्स घना फ्लावर मास बनाते हैं, कैनोपी बहुत घनी हो जाती है। आप जरूरत के हिसाब से प्रूनिंग, डिफोलिएशन या पावरफुल फैन इंस्टाल कर सकते हैं। साथ में कार्बन फिल्टर भी लगाएं ताकि फ्लावरिंग के दौरान तेज गंध कंट्रोल रहे।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid flower (bulk phase) | weeks 8-9 | the colas of an indoor plant forming a dense canopy

इतने ज़बरदस्त फ्लावर मैस में, वेंटिलेशन की क्वालिटी जरूरी है। ©SwissKush

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो उनमें से एक है जो फ्लावरिंग में भी काफी बड़ा हो सकता है, पर सप्ताह 8 के आस-पास स्ट्रेच रुक सकता है। नीचे ग्रोथ की हाइट चार्ट है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: height chart for the whole life cycle

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो पूरे जीवन चक्र की हाइट चार्ट।

जैसे-जैसे बड्स बढ़ते हैं, वे परिपक्व भी होने लगते हैं। ध्यान रहे — स्टेबलाइज्ड स्ट्रेन में भी अलग-अलग फीनोटाइप्स की वजह से मैच्योरिटी टाइम अलग हो सकता है। जैसे-जैसे कोलाज भरती जाएं, हार्वेस्ट के संकेत पहचानना जरूरी है। आप देखेंगे कि समय उम्मीद से जल्दी पहुंच सकता है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: mid flower (bulk phase) | weeks 8-9 | an almost mature autoflower and one of its colas

सटीवा जैसा मोटा और इंडिका जैसा घना — पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो शानदार अवस्था में। ©Hawkbo

9. पकना और हार्वेस्ट | सप्ताह 10 (और उसके बाद)

ऑटोफ्लावर के आखिरी एक-दो हफ्तों में, नमी कम और तापमान ठंडा रखना जरूरी है। ज्यादा ह्यूमिडिटी पके बड्स के लिए खतरा है, कम तापमान टर्पेन्स और THC सुरक्षित रखता है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: week 10 grow conditions

सप्ताह 10 की ग्रोइंग कंडीशन्स।

हार्वेस्ट से कुछ सप्ताह पहले बड्स अब और नहीं बढ़ेंगे, जिससे आप सोच सकते हैं इन्हें हार्वेस्ट किया जा सकता है। पर जरूरी नहीं कि वे पक्के ही हों। साइज बढ़ना भले न के बराबर हो, फिर भी बड्स अंदर से घने, भारी और कैनाबिनॉयड्स से भरते रहते हैं। इसलिए सिर्फ साइज़ देखकर हार्वेस्ट के बारे में न सोचें।

Pineapple Express Auto cannabis strain: ripening and harvest | weeks 10+ | a maturing plant with huge bulky colas and a closeup of one of the colas

लंबी, भाले जैसी कोलाज सटीवा जेनेटिक्स की पहचान हैं। ©Luv2Grow

ब्रेडर की स्पेक्स से अंदाजा तो लग सकता है, लेकिन फीनोटाइप और ग्रोथ कंडीशन्स की वजह से टाइमिंग अलग हो सकती है।

कई शौकिया ग्रोअर्स के लिए ज्यादा भरोसेमंद तरीका है कि कलियों के पिस्टिल्स का रंग देखें। जब पिस्टिल्स सफेद हैं तो बड्स इमम्योर हैं, लेकिन जैसे-जैसे वे भूरी/नारंगी होने लगें तो हार्वेस्ट नजदीक है। साथ ही, पौधे के पत्ते पीले/ऑटम शेड होने लगते हैं।

Pineapple Express Auto cannabis strain: ripening and harvest | weeks 10+ | two tall and stretchy plants in a DWC system and a closeup of a spear-shaped bud

ट्रिमिंग चुनौती पूर्ण होगी, लेकिन क्वालिटी वर्थ है। ©noak47

पता करने का सबसे सटीक तरीका है — हाथ माइक्रोस्कोप से ट्राइकोम्स देखना। अगर ट्राइकोम्स क्लियर हैं, तो THC कम है। क्लाउडी है तो THC सबसे ज्यादा है, एम्बर है तो THC टूट रहा है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: ripening and harvest | weeks 10+ | a medium shot of an indoor plant on the eve of harvest and a macro shot of its trichomes

सटीवा स्ट्रेन में, ट्राइकोम्स देर से क्लाउडी होते हैं, धैर्य रखें। ©SwissKush

हार्वेस्ट से पहले पौधों को तरह-तरह के न्यूट्रियंट्स देना बंद कर सिर्फ पानी दें। इसे फ्लशिंग कहते हैं — सॉयल में 2 हफ्ते, हाइड्रो/कोको में कम। इससे पौधे के भीतर जमा साल्ट्स निकल जाते हैं, और स्मोक की फ्लेवर व स्मूथनेस बढ़ती है। इस दौरान पत्ते पीले पड़ जाते हैं और पौधा जमा स्टोर्स यूज़ करता है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: ripening and harvest | weeks 10+ | a closeup shot of a mature marijuana bud with resin covering everything

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो इतनी रेजिनस होती है कि पत्तियां भी फ्रोस्टेड हैं। ©SAC87

हार्वेस्ट के बाद अच्छी ड्राइंग और क्योरिंग महत्वपूर्ण है। ड्राइंग ठंडी व हवादार जगह 7-10 दिन करें जब तक बड्स सील न रह जाएं। फिर बड्स की शाखाओं को हटाकर ग्लास जार में 3 हफ्ते तक रखें, बीच-बीच में जार खोलते रहें।

10. परिणाम

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो एक क्लासिक स्ट्रेन होते हुए भी इसकी उपज चमत्कारी हो सकती है और यह कई नई जेनेटिक्स को पीछे छोड़ देती है। कई ग्रो डायरीज़ इसका सबूत देती हैं। अच्छी देखभाल से ग्रोअर्स को इस स्ट्रेन से भरपूर हार्वेस्ट मिल सकती है।

Pineapple Express Auto cannabis strain: outcome

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो ग्रो डिटेल्स और परिणाम।

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो उपज

हमारे रिव्यू के पहले ग्रोअर को उनकी एक पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो से शानदार हार्वेस्ट मिली। जब ग्रोअर ने स्ट्रॉन्ग ट्रेनिंग रोक दी, तो पौधा लंबी, भाले जैसी भारी कोलाज बनाने लगा। नतीजतन उपज उम्मीद से बढ़कर 174 ग्राम (6.14 औंस) सूखे बड्स हो गई।

Pineapple Express Auto cannabis strain outcome: a heap of dried marijuana buds still on branches and the same buds trimmed and ready for cure

सटीवा स्ट्रेन जैसे पाइनएप्पल एक्सप्रेस गेमिंग के लिए बढ़िया हैं। ©Luv2Grow

दूसरे ग्रोअर को 241 ग्राम (8.51 औंस) सूखे बड्स मिले। इसका क्रेडिट हाइड्रोपोनिक्स के मास्टरी को जाता है, जिससे पौधे को बेहतरीन पोषण और विकास मिला।

Pineapple Express Auto cannabis strain outcome: a bunch of dry branches and buds curing in a Boveda container

खूबसूरत भले न दिखे, पर उपज शानदार रही। ©SwissKush

तीसरे ग्रोअर ने DWC हाइड्रोपोनिक्स में दो पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो से जबरदस्त 390 ग्राम (13.76 औंस) हार्वेस्ट पाई, जिससे हाइड्रोपोनिक्स की पोटेंशियल स्पष्ट हुई।

Pineapple Express Auto cannabis strain outcome: a man in T-shirt holding an enormous plastic bag with marijuana buds

यह सिर्फ एक पौधे की उपज है, वह भी पूरी नहीं। ©noak47

आखिर में, SOG ग्रो में शामिल दो पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो पौधों से 167 ग्राम (5.89 औंस) बेहद घने व कॉम्पैक्ट बड्स पाए गए।

Pineapple Express Auto cannabis strain outcome: several compact and dense dry buds lying on the table and a grower's fingers holding one such bud

सटीवा बड्स को इंडिका जैसा घना बनाना कला है। ©Hawkbo

पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो स्मोक रिपोर्ट

हमने दर्जनों स्मोक रिपोर्ट्स देखी हैं और सबका कहना है — फास्ट बड्स का पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो एक सशक्त हाइब्रिड है जो संतुलित प्रभाव देता है। देर दोपहर या शाम में इसका सेवन कर सकते हैं, क्योंकि यह दिमाग व शरीर को रिलैक्स करता है और दिनभर की थकान मिटा देता है। कुछ यूज़र्स ने छोटे डोज़ में एनर्जेटिक ट्रिप भी बताया। खुशबू व स्वाद मीठा, ट्रॉपिकल, मुख्य रूप से पाइनएप्पल का है। स्मोक स्मूद और फ्लेवरफुल है, कुछ ने इसे 'टॉप-नोच' भी बताया।

Pineapple Express Auto cannabis strain: smoke report

स्वरूपियों की राय — पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो के बारे में।

10. निष्कर्ष

चार ग्रो रिपोर्ट्स में, पाइनएप्पल एक्सप्रेस ऑटो स्ट्रेन को सॉयल, कोको कोयर और डीप वॉटर कल्चर (DWC) — तीनों ही मीडियम में उगाया गया। नतीजे लगभग तुल्य थे, सिर्फ DWC हल्का श्रेष्ठ रहा। यानी यह ऑटोफ्लावर किसी भी ग्रो सेटअप व मीडियम में शानदार उपज देता है।

भरपूर ट्रेनिंग करें और ज़रूरत पड़े तो काफी एग्रेसिव भी, क्योंकि इस स्ट्रेन में मजबूत सटीवा डोमिनेंस है और फूल आने के बाद काफी हफ्तों तक स्ट्रेच करती है। पौधे आखिर में अच्छी ऊंचाई पर होंगे और पूरी शाखाओं पर लंबी, मोटी कली बना लेंगे।

बेहतर होगा पाइनएप्पल एक्सप्रेस को चौड़ा, मल्टी-ब्रांच झाड़ीनुमा उगाएं, हालांकि छोटे पॉट्स में SOG-स्टाइल में भी बहुत अच्छी उपज मिल सकती है। 

फूल आने में अपेक्षाकृत लंबा वक्त लगता है, क्योंकि बड्स लगातार फूल बनाते जाते हैं। इसलिए थोड़ा लंबा जीवन चक्र मानिए, पर उस बड़े वक्त का इनाम आपको बेहतरीन, तगड़ी उपज के रूप में मिलेगा। हैप्पी ग्रोइंग!

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